नई दिल्ली, 3 मई 2025 (पीआईबी):
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ लोरेंसू के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भारत और अंगोला के संबंधों को “इतिहास में दर्ज होने वाला क्षण” बताया। 38 वर्षों के बाद किसी अंगोलीय राष्ट्रपति की भारत यात्रा हो रही है, जिसे प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच संबंधों को नया आयाम देने वाला अवसर बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष भारत और अंगोला अपने राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के संबंध इससे भी कहीं पुराने और गहरे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जब अंगोला स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ रहा था, भारत ने पूरी निष्ठा और मित्रता के साथ उसका समर्थन किया था।
प्रधानमंत्री ने साझा किया कि भारत अंगोला के तेल और गैस का एक प्रमुख खरीदार है और दोनों देशों ने अपनी ऊर्जा साझेदारी को और अधिक व्यापक बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अंगोला की सेनाओं के आधुनिकीकरण हेतु भारत 200 मिलियन डॉलर की डिफेन्स क्रेडिट लाइन प्रदान करेगा।
भारत और अंगोला के बीच स्वास्थ्य, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस टेक्नोलॉजी, हीरा प्रसंस्करण, उर्वरक, और क्रिटिकल मिनरल जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मज़बूत करने पर सहमति बनी है। प्रधानमंत्री ने अंगोला में योग और बॉलीवुड की लोकप्रियता को दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताया। इसके साथ ही, युवाओं के बीच आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा भी की गई।
प्रधानमंत्री ने अंगोला द्वारा इंटरनेशनल सोलर अलायंस में शामिल होने के निर्णय का स्वागत किया और उसे भारत की पहलों—Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, Big Cat Alliance, और Global Biofuels Alliance—से जुड़ने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि भारत आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस संघर्ष में अंगोला के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने अफ्रीकन यूनियन की अध्यक्षता के लिए अंगोला को शुभकामनाएं दी और कहा कि भारत के लिए यह गर्व की बात है कि G20 की भारत-अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकन यूनियन को G20 की स्थायी सदस्यता मिली।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में अफ्रीकी देशों के साथ भारत का सहयोग अभूतपूर्व रहा है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, रक्षा सहयोग में मजबूती आई है और हाल ही में दोनों के बीच पहली नौसेनिक समुद्री अभ्यास “ऐक्यम्” का आयोजन किया गया।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि भारत और अफ्रीकन यूनियन प्रगति के भागीदार हैं और ग्लोबल साउथ के मजबूत स्तंभ हैं। उन्हें विश्वास है कि अंगोला की अध्यक्षता में यह साझेदारी नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगी।